National

आपदा प्रबंधन या वित्तीय लापरवाही? CAG रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल की राहत योजनाओं में बड़ी गड़बड़ियों का खुलासा

पश्चिम बंगाल में चक्रवात ‘अम्फान’ के दौरान बांटी गई राहत सामग्री और मुआवजा राशि को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट में राज्य की आपदा राहत प्रणाली में गंभीर अनियमितताओं, बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए नुकसान के दावों और फर्जीवाड़े की ओर इशारा किया गया है।

नुकसान के दावों पर उठे सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने आपदा से हुए नुकसान का आकलन अत्यधिक बढ़ाकर पेश किया था। आवास क्षेत्र का उदाहरण देते हुए प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट-II) मनीष कुमार ने बताया कि राज्य ने लगभग 24 लाख मकानों के क्षतिग्रस्त होने का दावा करते हुए 18,000 करोड़ रुपये की मदद मांगी थी। हालांकि, जब केंद्रीय मूल्यांकन टीम ने जमीनी जांच की, तो इतने बड़े पैमाने पर पक्के मकानों के नुकसान के पर्याप्त सबूत नहीं मिले।

35 हजार करोड़ की मांग, मिले केवल 2,707 करोड़
पश्चिम बंगाल सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से कुल 35,018 करोड़ रुपये की भारी-भरकम वित्तीय सहायता मांगी थी। लेकिन केंद्र की विस्तृत समीक्षा और दावों के सत्यापन के बाद महज 2,707 करोड़ रुपये की सहायता ही स्वीकृत की गई।

लाभार्थियों की सूची में दोहराव और संदिग्ध भुगतान

ऑडिट में यह बात सामने आई है कि राहत वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता की भारी कमी थी:

एक ही लाभार्थी का नाम सूची में बार-बार दर्ज पाया गया।

भुगतान प्रक्रिया में कई संदिग्ध और अनियमित लेनदेन देखने को मिले।

राहत सामग्री के भंडारण और वितरण की निगरानी प्रणाली बेहद कमजोर रही।

CAG की छह प्रमुख सिफारिशें और सख्त रुख
इस पूरे मामले को सुधारने के लिए CAG ने सरकार को नुकसान के वैज्ञानिक आकलन, पारदर्शी आवेदन प्रक्रिया, फील्ड वेरिफिकेशन और संदिग्ध भुगतानों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई जैसी छह महत्वपूर्ण सिफारिशें दी हैं।

CAG ने स्पष्ट किया है कि वह केवल राज्य सरकार के कागज़ी दावों पर भरोसा नहीं करेगा। ऑडिट टीम खुद ज़मीन पर जाकर (Field Inspection) यह जांचेगी कि सुधारात्मक कदम वास्तव में लागू हुए हैं या नहीं, ताकि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल और जवाबदेही तय हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button